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इश्यू ब्रीफ 1: भारत में सशस्त्र हिंसावाले राज्य, आगामी: 20 सितंबर 2011

हिंसा के कुछ रूप बाकी रूपों से ज्यादा ध्यान आकर्षित करते हैं। आतंकवाद और विद्रोह का प्रभाव सीधे तौर पर दिखाई देनेवाली मौत और ज़ख्मों से भी कहीं ज्यादा, सुरक्षा और आर्थिक विकास पर भी होता है। लेकिन आपराधिक हिंसा और आत्महत्याओं से जितनी जानें जाती हैं, उस वजह से इनपर भी और ध्यान देने की आवश्यकता है। सशस्त्र हिंसा के सभी रूपों पर ध्यान दिया जाना चाहिए और इसके लिए एक समग्र नीति भी बनाई जानी चाहिए। मंत्रालयों, केन्द्र और राज्य सरकारों, और सरकार और नागरिक समाज के बीच संस्थागत सहयोग की बस शुरूआत होने लगी है। 

विषय विवरण 2: भारत में बंदूकों का भूगोल, आगामी: 20 सितंबर 2011

हत्या की दरें, और ख़ासकर बंदूकों से होनेवाली हत्याओं की दरें, भारत के 28 राज्यों और सात केन्द्रशासित प्रदेशों में बड़े नाटकीय तरीके से विभिन्नता दर्शाती हैं। देश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 35 महानगरों में भी हत्या दरों की ये विभिन्नता स्पष्ट दिखाई देती है। राष्ट्रीय आंकड़े और ऑटोप्सी के नतीजे राज्यों और शहरों में दिखाई देनेवाला ये अंतर सामने लाते हैं। कई इलाकों में हत्या और बंदूकों से होनेवाली हत्याओं की दर कम हुई है, लेकिन देश के कई हिस्सों में ये समस्या अपनी चरम सीमा पर है। ये विषय विवरण उन इलाकों की पहचान करता है जहां बंदूकों से सबसे ज़्यादा हत्याएं होती हैं। गैरकानूनी हथियारों की उपलब्धता भी इसका एक बड़ा कारण है।